होम Bihar Manthan ये हैं वो ‘बिहारी व्यंजन’ जिसकी दुनिया है दिवानी…

ये हैं वो ‘बिहारी व्यंजन’ जिसकी दुनिया है दिवानी…

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दुनिया भर में बिहार की अपनी एक अलग पहचान है। राज्य की संस्कृति और यहां की भाषा अपने आप में अनूठी रही है।biharmedia.com  की यह कोशिश है कि ना सिर्फ देश बल्कि दुनिया के लोगों को बिहार की विरासत और यहां की उन विशेषताओं से परिचित कराया जाए जिनको जाने के बाद आप भी जब कभी भी बिहार आएंगे इन चीजों को और भी करीब से जानना चाहेंगे। इसी कड़ी में आज हम आपको बताने वाले हैं राज्य के उन लजीज व्यंजनों के बारे में जिसका स्वाद दुनिया को अपना दीवाना बना रहा है। ये पारंपरिक व्यंजन बिहार की पहचान हैं, जिनपर हर बिहारी को गर्व है।

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ठेकुआ/खजूर

सबसे पहले बात बात ठेकुआ/ खजूर की। इस व्यंजन का नाम जितना दिलचस्प है इसका स्वाद उतना ही विशेष। यह बिहार का पारंपरिक व्यंजन भी है। खास बात यह है कि यहां घरों में लोग आम दिनों में तो लजीज ठेकुआ का स्वाद उठाते ही हैं,लेकिन छठ महापर्व के दौरान ठेकुआ/ खजूर का महत्व और भी बढ़ जाता है। इस पर्व में ठेकुआ को प्रसाद के तौर पर भी बनाया जाता है। इतना ही नहीं जो लोग बिहार से बाहर भी छठ करते हैं वो इस दौरान ठेकुआ जरुर बनाते हैं। अगर हम ठेकुआ को बनाने की विधि की बात करें तो इसे बनाना भी बेहद आसान होता है। गेहूं के आटे में चीनी या गुड़ डालकर पहले इसे गुंदा जाता है और फिर एक खास आकार देकर कडाही में तेल या घी डाल कर इसे तला जाता है। कुछ ही मिनटों में खास्ता और बेहतरीन ठेकुआ खाने के लिए तैयार हो जाता है।

पेड़किया

पेड़किया भी बिहार का एक पांरपरिक व्यंजन है। इसे हम बिहार के एक खास पर्व में बनाते है जिसे हम जीउतिया कहते हैं। इसे बनाने के लिए हमे सूजी,मैदा और खोआ की आवश्कता होती है, जिसमे हम सूजी को मैदा के अन्दर डाल कर बनाते हैं। पेड़किया से जुड़ी एक खास बात यह भी है कि वैसे लोग जो बिहार से बाहर रहकर पढ़ाई या नौकरी करते हैं वो जब कभी बिहार आते हैं तो पेड़किया का लुत्फ जरुर उठाते हैं। इतना ही नहीं घरों में बने इस बेहतरीन खाद्य सामग्री को वो अपने साथ लेकर भी जाते हैं, ताकि पेड़किया का बेहतरीन स्वाद उन्हें घर की याद दिलाती रहे।

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मलपुआ

हमारा दावा है कि अगर हम मीठा खाने के शौकीन हैं तो इस डिश को चखने के बाद आप अपनी ऊंगलियां चाटने को मजबूर हो जाएंगे। बिहार के मलपुआ को हम बिहारी मिठाई भी कहते हैं। इसके दीवाने इसकी खुश्बू से ही दूर से खींचे चले आते हैं। इस विशेष मिठाई को हम हर कार्यक्रम या त्योहार में बनाते हैं। विशेषकर होली, दिवाली जैसे बड़े पर्वों में मलपुआ बड़े चांव के साथ घर-घर में बनाया जाता है। इन त्योहारों में घर आने वाले मेहमानों को भी इसका स्वाद खूब पंसद आता है। इसको बनाने की विधि कुछ इस प्रकार से है। आटा,दूध,चीनी, और कुचला केला को अच्छी तरह से मिला कर तेल में तल देते हैं। गरमागरम मालपुए का स्वाद आपके होश उड़ा देगा।

लकट्ठो

बात मीठे व्यजनों की हो रही है तो फिर इसी फेहरिस्त में एक और मशहूर खाने की चीज का नाम आता है और वो है लकट्ठो। बच्चे, बूढ़े, जवान सभी लकट्ठो के दीवाने होते हैं। जाहिर है नाम अनोखा है तो इसका स्वाद भी अनोखा ही होगा। इसे बनाने के लिए हमे चावल का आटा चाहिये होता है जिसे हम तेल में फ्राई करते है और उसके बाद इसे गुड़ के सीरा में डूबोया जाता है। दशहरा के दौरान लकट्ठो खाया जाता है, हालांकि आम दिनों में भी यह बाजार में उपलब्ध होता है।

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खीर मखाना

आम तौर पर खीर तो आप सभी ने खाया होगा क्योंकि अमूमन खीर आज लगभग सभी घऱो में बनता है। लेकिन हम बिहार की जिस मशहूर खीर के बारे में बात कर रहे हैं वो खीर बिल्कुल अलग है। जी हां, इस खीर में आपकी दिलचस्पी इसलिए बढ़ जाएगी क्योंकि इसमे डाला जाता है मखाना। इसलिए इसे खीर मखाना भी कहते हैं। यह विशेष खीर मीठा और नमकीन दोनों ही स्वाद का अनुभव कराता है।

खाजा

‘खाजा’! जी हां, चौंक गए ना नाम सुनकर। तो जनाब अपनी उत्सुकता को और मत बढ़ाइए और बिहार आकर एक बार इस खास मिठाई का आनंद उठाइए। इस मिठाई का नाम जितना रोचक है इसका स्वाद उतना ही मीठा। इसे  हम आटे और चीनी की मदद से बनाते हैं। खास कर शादियों में इस मिठाई की डिमांड यहां काफी बढ़ जाती है।

लिट्टी चोखा

हां, तो अब बारी है उस विश्व प्रसिद्ध व्यंजन को जानने की जिसके दीवाने दुनिया भर के भारतीय और बिहारी हैं। कहते हैं कि कोई बिहार आए और यहां आकर लिट्टी-चोखा ना खाए तो वो जिंदगी भर पछताए। राज्य के नेता से लेकर बॉलीवुड के अभिनेता तक बिहार के लिट्टी-चोखा के स्वाद के आगे मजबूर हैं। मायानगरी में मिस्टर परफेक्टनिस्ट के नाम से मशहूर आमिर खान भी जब कभी बिहार आते हैं तो लिट्टी-चोखा का स्वाद लेने से वो खुद को रोक नहीं पाते। गेहूं के आटे को पानी से गुंद कर, चने के सत्तू में तेल, नमक, प्याज, लहसून, इत्यादि मिला कर यह हर-दिल-अजीज व्यंजन बनाया जाता है। इसके साथ में आलू के चोखे को परोसा जाता है। यह एक ऐसा व्यंजन है जिसे हम किसी भी अवसर पर परोस सकते हैं।

दाल पुरी

दाल पुरी एक ऐसा व्यंजन है जिसे हम अक्सर अपने घरों में बनाते हैं। मगर इसे हम खास कर दशहरा जैसे पर्व में बनाते हैं। इसे हम आटे और दाल के पेस्ट से बनाते हैं। दाल पुरी के साथ आचार या खीर आपको बेहद पसंद आएगी।

दाल पिठा

दाल पुरी की तरह ही बिहार का दाल पिठा भी काफी मशहूर है।यह एक अनूठा व्यंजन है जिसे हम चावल के आटा और दाल के पेस्ट से बनाते हैं। दाल पिठा की खासियत यह भी है कि आटे में दाल के पेस्ट को भरने के बाद इसे एक विशेष आकृति दी जाती है। घर की महिलाएं इस कला में पारंगत होती हैं। दाल पिठा को पानी में उबाल कर बनाया जाता है। कई जगहों पर इसे उबालने के बाद तेल में तल कर भी खाया जाता है।

 

 

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