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बिहार के बक्सर जिले में इसी साल एक और दूसरे बड़े सरकारी अफसर के आत्महत्या कर लेने का मामला सामने आया है । इससे पहले बीते  10 अगस्त को बक्सर डीएम मुकेश पांडेय ने दिल्ली (एनसीआर) में आत्महत्या कर ली थी। उनका शव गाजियाबाद रेल पुलिस ने बरामद की थी।  इस बार मौजूदा जिलाधिकारी अरविन्द कुमार वर्मा के विशेष कार्य पदाधिकारी (ओएसडी) तौकीर अकरम ने फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली। आज सुबह ही उनका शव उनके आवास पर फंदे से लटकता मिला। शव बरामद होते ही इलाके में सनसनी फ़ैल गयी। पुलिस मामले की छानबीन में जुट गयी है।

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बताते चले कि मृतक तौकीर अकरम मूल रूप से मध्य प्रदेश के जबलपुर के रहने वाले थे और बक्सर जिले में वे मई 2015 से कार्यरत थे। खबरों के मुताबिक ओएसडी ने फांसी लगाने से पहले एक सुसाइड नोट भी लिखा है। जिसमें उन्होंने अपनी मौत के लिये खुद को जिम्मेवार बताया है। वहीं, मृतक की मां के मुताबिक तौकीर का वेतन पिछले आठ महीने से बंद था। वो इसको लेकर काफी परेशान भी रहते थे। तौकीर अकरम  के जिम्मे जिला भू-अर्जन पदाधिकारी का भी प्रभार था। घटना के वक्त उनके घर में उनकी मां और पिता थे। उनकी पत्नी पिछले आठ दिनों से मायके गयी हुई हैं। परिवार वालों के मुताबिक वे शनिवार की रात को ही पटना में किसी मीटिंग में शामिल होने के बाद बक्सर लौटे थे। घटना के कारणों का फिलहाल सही रूप से पता नहीं चल सका है, लेकिन कुछ लोगों के मुताबिक वे अपने ट्रांसफर पोस्टिंग को लेकर कुछ दिनों से परेशान थे। राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव ने खुदकुशी मामले में खेद जताया।

 

केन्द्रीय मंत्री का कार्यक्रम रद्द-

डीएम के ओएसडी के खुदकुशी करने के मामले को लेकर डुमरांव में गोकुल ग्राम का शिलान्यास कार्यक्रम रद्द कर दिया गया है। केंद्रीय कृषि मंत्री राधामोहन सिंह आज इसका शिलान्यास करने वाले थे । इस कार्यक्रम में केन्द्रीय मंत्री सह बक्सर के सांसद अश्विनी चौबे को भी आना था। उन्होंने ओएसडी के खुदकुशी मामले पर दुख जताते हुए कहा कि वे पीड़ित परिवार से मिलने बक्सर जायेंगे।

 

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