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बिहार के मुजफ्फरपुर से एक बेहद शर्मनाक मामला सामने आया है। दरअसल एक तरफ देश से भ्रष्टाचार खत्म करने के लिए कई उपाय किये जा रहे हैं। केंद्र से लेकर राज्य स्तर पर सरकारें अफसरों और सरकारी बाबूओं को जनता से रिश्वत ना लेने की चेतावनी दे रही हैं।इसके साथ-साथ उन्हें रिश्वत ना लेने की प्रतिज्ञा भी दिलाई जा रही है। कई लोग रिश्वत लेते पकड़े भी गए और उनपर कानून का डंडा चला। अब एक बार फिर निगरानी अन्वेषण ब्यूरो की टीम ने एक ऐसे ही घूसखोर को धर दबोचा है और वो भी रंगे हाथ।
दरअसल, मुजफ्फरपुर के पकड़ी बसारत निवासी रत्नेश कुमार ने बताया कि उनके गांव के ही नंदकिशोर कुमार ने फर्जी जमीन रजिस्ट्री कराकर उसमें लगे पेड़ को काट लिया। जब इसकी शिकायत उन्होंने संबंधित थाने में दर्ज कराई तो दारोगा ने प्रतिवेदन भेजने के लिए रिश्वत के रूप में 50 हजार रुपये की मांग की। हालांकि काफी मान-मनौव्वल के बाद वे 30 हजार रुपये पर तैयार हो गए। पहली किश्त के रूप में उन्हें 10 हजार रुपये दे दिये गए।

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अगली किस्त शुक्रवार को देने के लिए रत्नेश कुमार दारोगा बसंत कुमार रजक के थाना परिसर स्थित आवास पर पहुंचे व रिश्वत के रूप में पांच हजार रुपये दारोगा को दिये। इसी दौरान निगरानी की टीमपहुंच गयी व रिश्वतखोर दारोगा को दबोच लिया।

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